वन में वृक्षों का वास रहने दो,
झील, झरनों में सांस रहने दो !

वृक्ष होते है वस्त्र जंगल के,
छीनो मत ये लिबास रहने दो !

वृक्ष है चिड़िया का घोसला,
तोड़ो मत ये लिबास रहने दो !

पेड़-पौधे चिराग है वन के
उनमे बाकी उजास रहने दो !

वन विलक्षण विधा है कुदरत की
इस अमानत को खास रहने दो !

(विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून पर विशेष)