Tags

, , ,

देखा जो अल्लाह का करम ,देखता रह गया
लिखी दुनिया की इबारत जिससे वह कलम देखता रह गया !
कितनी नाज नजाकत से बनाया इस इंसान को !
गिर गया हो गया कितना बेशरम देखता रह गया

— विवेक

Advertisements