हम  सागर वाले हैँ और जैसा के आप जानते हैँ
कि हम अपनी मस्ती और अल्हड़ रवैये के लिये
विश्व प्रसिध्द हैँ क्योँ . . .

क्योँकि हमारे यहाँ चीजेँ कभी खतम नहीँ होती
, बस बड़ा जाती हैँ

क्योँकि हमारे यहाँ कभी धूप नहीँ निकलती
,हमेशा घाम होता है . .

क्योँकि हमारे पास सिर नहीँ मूड होता है . .

जिसमेँ कभी दर्द नहीँ होता बस ये पिराता है . .

क्योकि हमारे यहाँ कोई toilet नहीँ जाता
बस हम निपटने जाते हैँ . . .

क्योँकि हमारे यहाँ कभी सीवर ओवर फ्लो नहीँ होता ,
बस हर जगह पनारा बहता है . . .

हम कटने पे बोरोलीन लगाते हैँ
क्योकि डिटाल परपराता है .

हम कपड़े धोया नहीँ करते बस फींच देते हैँ . . .

और हमारे यहाँ कपड़े सूखते नहीँ बस हरक जाते हैँ . .

क्योँकि हम कभी पेट भर नहीँ खाते बस
थोड़ा चाप के खाते हैँ . . .

हमारे यहाँ मच्छड़ काटते नहीँ बस भमोड़ देते हैँ . . .

क्योँकि यहाँ कोई शिकायत नहीँ करता बस
ओरहना देता है . .

यहाँ कोई धमकी नहीँ देता बस हड़का देता है . . .

क्योँकि हम लड़ाई सुलझाते नहीँ बस सुरजा लेते हैँ . . .

और तो और हमारे यहाँ कभी रात नहीँ होती बस
अंधियारो हो जाता है . . .

तो भैया गर्व से कहो कि हम सागर वारे हैँ ।