​_तेरा मेरा करते एक दिन चले जाना है,_

       _जो भी कमाया यही रह जाना है !_

_कर ले कुछ अच्छे कर्म,_

       _साथ यही तेरे जाना है !_

_रोने से तो आंसू भी पराये हो जाते हैं,_

       _लेकिन मुस्कुराने से…_

_पराये भी अपने हो जाते हैं !_

       _मुझे वो रिश्ते पसंद है,_

_जिनमें  ” मैं ” नहीं  ” हम ” हो !!_  

_इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नही,_

_उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नही..✍🏻 😄😄

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